Saturday, February 14, 2009

Yeh Pal..

Zindage ke dukho ko jee liya haste haste,
Zindage ne rishte badale,
manliya uske dastoor ko haste haste
Zindage ne rishte Cheene,

sarako par leliya uske iss hukum koo haste haste..


Par Zindage kise ko itna ghum na de ki Insaan us Khuda se kud keh.
Hey Ishwar
..
Aaaj Solakar hamesha ke liye sapno ki duniya mei chod aiyo
..
kal ki subeh ke suraj ki roshni mat dekhaiyo..

:-)

10 comments:

Tushar Mangl said...

good one

Towards reclamation said...

impressive ... very very gud ...

яノςんム said...

oye, we donot want any depressing lines from u.

u r very lively person, stay the same forever :)

btw, nice lines :)

hugz!!

Gauri Mathur said...

Heya!
@Tushar..thanks.

@Sid...See ur Kiddo has grown up now..:)
thanks for ur support,was missing it,when u were away:):)
Thanks.

@Richa
Hugs to you 2!
:):)

Gauri Mathur said...
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Ria said...
This comment has been removed by the author.
Prashant Sree said...

Hey Gauri,

How have u been.. Long time...

Hope u r doing well ;)

Kartz said...

*ahem* *ahem*

:) Bahut khoob,,,

Peace.

.a. said...

poignant :)

उन्मुक्त said...

ज़िन्दगी के दुखों को जी लिया हस्ते हस्ते
ज़िन्दगी ने रिश्ते बदले, मान लिया दस्तूर को हस्ते हस्ते
ज़न्दगी ने रिश्ते छीने
सर आंखों पर पर ले लिया इस हुक्म को हस्ते हस्ते

पर ज़िन्दगी किसी को इतना गम ना दे कि इंसान उस खुदा से खुद कहे
हे ईश्वर ..
आज सुला कर हमेशा के लिये सपनो की दुनिया में छोड़ आये..
कल कि सुबह के सूरज की रोशनी में देखायो

देखिये देवनागरी हिन्दी में आपकी कविता रोमन हिन्दी से बेहतर लग रही है न।

देवनागरी में लिखना बहुत आसान है। इसके लिये कंप्यूटर में कैफे हिन्दी डाल लें। इसे यहां से मुफ्त में डइनलोड करें। मेरे ई-मेल unmukt.s@gmail.com है। मुझे आपका ई-मेल नहीं मालुम इसलिये हिन्दी के क्लास लेना तो मुश्किल है :-)

लेकिन मुजे उत्सुक्ता है कि कौन वह शख्स था लेकिन था वह बड़ा ज़ालिम। आशा है अगले दिन के सूरज में कोई बेहतरीन शख्स, आपके सपनो का शहज़ादा, जो ज़ालिम नहीं है, न केवल दिखा होगा पर मिला भी होगा :-)